मॉर्मन की पुस्तक में नए नियम और उन्नीसवीं शताब्दी की सिद्धान्तगत छापों का सूक्ष्म परीक्षण, और यह कि वे इसके रचना-काल तथा रचना-पद्धति के बारे में क्या संकेत देती हैं।
मॉर्मन की पुस्तक में काल-विसंगतियाँ


मॉर्मन की पुस्तक में नए नियम और उन्नीसवीं शताब्दी की सिद्धान्तगत छापों का सूक्ष्म परीक्षण, और यह कि वे इसके रचना-काल तथा रचना-पद्धति के बारे में क्या संकेत देती हैं।

इस बात का अन्वेषण कि अंतिम दिनों के संत अपने विश्वास को सभी व्यवस्था-युगों में परमेश्वर के मूल सुसमाचार की पुनर्स्थापना के रूप में कैसे देखते हैं।