क्रोनोस के सर्प-वेष्टित ब्रह्मांडीय अंडे से लेकर डायोनिसस ज़ाग्रेउस के अंग-भंग तक ऑर्फ़िक सृष्टि-मिथक का गहन विवेचन—और इसने यूनानी रहस्यवाद, आत्मा-शरीर द्वैतवाद तथा बाद के नव-प्लेटोनवादी चिंतन को किस प्रकार आकार दिया।
ऑर्फ़िक सृष्टिविज्ञान: क्रोनोस, ब्रह्मांडीय अंडा और डायोनिसस ज़ाग्रेउस

