यदि पिछले ५०,००० वर्षों में संज्ञान को प्रबल चयन का सामना करना पड़ा हो, तो मानव जनसंख्या-वृक्षों और विचलन-कालों का चयन-सचेत पुनर्पाठ
जब चेतना चयन के अधीन हो: हालिया संज्ञानात्मक चयन मानव इतिहास के मॉडलों को किस प्रकार विकृत करेगा


यदि पिछले ५०,००० वर्षों में संज्ञान को प्रबल चयन का सामना करना पड़ा हो, तो मानव जनसंख्या-वृक्षों और विचलन-कालों का चयन-सचेत पुनर्पाठ

बेसल यूरेशियन के वास्तविक भूत आबादी न होने, बल्कि एफ-सांख्यिकियों और मिश्रण-ग्राफ के अनुरूपण में चयन-प्रेरित विकृति होने के पक्ष में सबसे सशक्त तर्क।