दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, तंत्रिका-विज्ञान और साहित्यिक सिद्धांत के परिप्रेक्ष्य में ‘आख्यानात्मक आत्म’ की संकल्पना का अन्वेषण करने वाली एक व्यापक समीक्षा।
आख्यानात्मक आत्म: एक बहुविषयी साहित्य-समीक्षा


दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, तंत्रिका-विज्ञान और साहित्यिक सिद्धांत के परिप्रेक्ष्य में ‘आख्यानात्मक आत्म’ की संकल्पना का अन्वेषण करने वाली एक व्यापक समीक्षा।

पशुओं और मनुष्यों की स्मृति के बीच समानताओं और भिन्नताओं का गहन विश्लेषण, जिसमें विभिन्न प्रजातियों में प्रक्रियात्मक, अर्थगत और प्रासंगिक-सदृश स्मृति तथा मानव आत्मकथात्मक स्मृति को विशिष्ट बनाने वाले तत्वों का विवेचन किया गया है।

पशु और मानव स्मृति के बीच समानताओं और भिन्नताओं में गहराई से गोता लगाना, प्रजातियों में प्रक्रियात्मक, अर्थपूर्ण, और प्रकरण-जैसी स्मृति की खोज करना और क्या मानव आत्मकथात्मक स्मृति को अद्वितीय बनाता है।