वैश्विक N-सर्वनाम को ‘जानने’ से जोड़ने वाली दो परिकल्पित व्युत्पत्तियों का गहन विश्लेषण—या तो अर्थगत रूप से (ज्ञाता = स्व) या ध्वन्यात्मक रूप से (ǵn- > n-)।
ज्ञाता-स्व तथा Gn-क्षरण की परिकल्पनाएँ


वैश्विक N-सर्वनाम को ‘जानने’ से जोड़ने वाली दो परिकल्पित व्युत्पत्तियों का गहन विश्लेषण—या तो अर्थगत रूप से (ज्ञाता = स्व) या ध्वन्यात्मक रूप से (ǵn- > n-)।

दो परस्पर गुंथी प्रोटो-सैपियन्स जड़ों—*hankwa (श्वास, जीवन, आत्मा) और *henkwi (साँप, ड्रैगन)—की परिकल्पना का अन्वेषण, विश्व के भाषा-परिवारों में प्रस्तावित सजातीय शब्दों और चेतना के सर्प-पंथ के लिए उनके निहितार्थों के आधार पर।

प्रोटो-सैपियन्स मूल *ŋAN का एक परिकल्पनात्मक पुनर्निर्माण, जिसमें ‘श्वास’ और ‘आत्मा’ के लिए एक प्राचीन वैश्विक शब्द का प्रस्ताव किया गया है और प्रमुख भाषा-परिवारों में इसके प्रतिबिंबों का अनुशीलन किया गया है।

मध्य-मिस्री क्रिया rḫ (“जानना”) किस प्रकार मंदिर की अनुष्ठानिक विधियों, अंत्येष्टि-मंत्रों और जीवन-गृह के गुप्त पाठ्यक्रम में व्याप्त हो गई।

अटलांटिक महासागर और अटलांटिस द्वीप—दोनों का नाम टाइटन एटलस के नाम पर पड़ा है। जानिए कि पौराणिक कथाएँ और भाषा उनकी साझा व्युत्पत्ति में कैसे मिलती हैं।

‘आत्मा’ या ‘प्राण’ के लिए 15,000 से अधिक वर्ष पूर्व का एक अनुमानाधारित आद्य-शब्द पुनर्निर्मित करते हुए, प्राचीन जीवन-शक्ति संबंधी शब्दावली की अंतरभाषिक प्रतिध्वनियों का परीक्षण।

यह उस अटकलाधारित जिंग परिकल्पना का अन्वेषण करता है, जिसके अनुसार ‘जिंग’ या ‘जेन’ जैसा उच्चरित होने वाला कोई आदिम शब्द कभी विश्व भर की प्राचीन संस्कृतियों में आत्मा या प्रेतात्मा का अर्थ रखता था।

उत्पत्ति-ग्रंथ में “फल” और “ज्ञान” के लिए प्रयुक्त हिब्रू शब्दों की भाषाशास्त्रीय गहन पड़ताल, यूनानी और लैटिन में उनके रूपांतरण, तथा उनसे उपजी बाद की मिथक-कथाएँ।

एक भाषावैज्ञानिक अन्वेषण-यात्रा, जो “ज्ञान” के लिए प्रयुक्त हिब्रू शब्द का अनुसरण एक प्रागैतिहासिक अफ़्रो-एशियाई मूल से लेकर अक्कादी, अरामी और मिस्री पड़ावों से होती हुई नाग हम्मादी संहिताओं तक करती है।

एक समय गुप्त रही जादुई दर्शन-परंपरा किस तरह रोज़मर्रा की अंग्रेज़ी में रच-बस गई—‘quintessential’ कॉकटेलों से लेकर कल आपके द्वारा खरीदी गई निर्वात-पैक मूँगफलियों तक।